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Thursday, March 3, 2011

"एक छोटी सी मुलाकात ईशा के साथ "

  21 मई 1986 , को लखनऊ में जन्मी ईशा अग्रवाल जो इस समय लखनऊ विश्वविध्यालय की पत्रकारिता विभाग की छात्रा है जिन्होंने एक छोटी सी  मुलाकात  में अपनी ज़िन्दगी के कुछ खट्टे मीठे पलों  को हमारे साथ बांटा....

आप लखनऊ में कैसे आई ?
  मेरे घरवाले यही के है और क्यूंकि मेरा जन्म भी लखनऊ शहर में हुआ है और तब से लेके अब तक मैं लखनऊ में ही रह रही हूँ.

अपनी परिवार के बारे में कुछ बताये .
  मैं शुरू से ही जोइंट फॅमिली में रही हु.

आपको जोइंट फॅमिली में रह कर कभी कोई प्रॉब्लम नहीं हुई?
  चाहे फॅमिली सिंगल हो या जोइंट , थोड़ी बहुत प्रॉब्लम तो हर घर में  होती है लेकिन फिर भी हम सारे बहुत ख़ुशी के साथ एक घर में रहते है. 

आपकी नजरो में किसी भी रिश्ते को मेनटेन रखने के लिए सबसे ज्यादा  क्या जरुरी है? 
  "only trust forever lasting relationship"......विशवास और प्यार ! मेरी नजरो में किसी भी रिश्ते को मेनटेन रखने के लिए सबसे ज्यादा एक दुसरे पे पूरा विशवास होना चाहिए जिससे प्यार बढेगा और रिश्ता अपने आप ही मेनटेन हो जायेगा . 

दोस्ती का मतलब क्या है ?
  दोस्ती एक मीठा एहसास है और मेरी ज़िन्दगी मेरे दोस्तों के बिना अधूरी है .

आपने स्कूलिंग कहा से और कैसे की ?
  मैंने लखनऊ के ही लालबाघ गर्ल्स इंटर कॉलेज में शुरू से लेके 12th तक पढाई की और मैं शुरू से ही बहुत friendly  रही हूँ  जिस वजह से मैं हर किसी भी तरह के लोगो से बात करके अपने को अर्जेस्ट  कर  लेती  थी.

आपने मीडिया लाइन में ही अपना करियर बनाने के लिए क्यों सोचा ? 
  क्यूंकि शुरू से ही मुझे लिखने ,बोलने का  बहुत शौक था..जो बात मुझे 10th में पता चली .. बाद में एम् .ए करते वक़्त मैंने २ बार mjmc में ट्राई किया लेकिन  एक साथ दो पी. जी कोर्स करना संभव नहीं था जिस वजह से मैं नहीं कर पायी एम्. ए के बाद मैंने "o" लेवल कंप्यूटर कोर्स किया और उसके बाद 2010 में मैंने  mjmc मे प्रवेश लिया. 

इस field में अभी तक आने के बाद कोई ऐसा काम जो आपको लगता हो की आगे चलकर आप नहीं कर सकती ? 
   फिलहाल , अभी मुझे  इस field में आ के ज्यादा समय नहीं हुआ है मुश्किल से सात - आठ महीने ही हुए है .अभी मैं काफी कुछ सीख  रही हूँ और काफी कुछ सीखना बाकी है इसलिए अभी मैं जो कुछ सिख रही हु उसपे concentrate कर रही हूँ की उस काम को और ज्यादा अच्छे से कैसे करूँ और उसी काम में अपने आपको मांझने की कोशिश कर रही हूँ और अभी आगे बहुत कुछ सीखना बाकी है तो अभी ये कहना मुश्किल होगा की आगे क्या होने वाला है .

मुकुल सर के बारे में कुछ बताएं .
  मुकुल सर , बहुत ही coporative टीचर है .बहुत अच्छे है ./और सबसे बड़ी बात वो यह की वो जिस तरह से क्लास में अपने आपको  को उदाहरण देकर समझाते है उनकी वो ishtyle बहुत अच्छी लगती है उनमे कुछ नेगेटिव है ही नहीं जो मैं आपको उनकी कमी में बताऊँ.

आप  अपना आदर्श किसे मानती है ?
   किसी को भी नहीं !!! जिसकी जो भी अच्छी आदत होती है मैं उसे पूरे  मन से सिखने की कोशिश करती हूँ इसलिए किसी एक  का भी नाम लेना मुश्किल है मेरे लिए .

आपकी शक्ति और कमजोरी क्या है ?
  मेरे emotions जिनसे मैं अपने आपको बहुत ज्यादा स्ट्रोंग फील करती हूँ ,लेकिन कभी कभी यही emotions मेरी कमजोरी बन जाते है .

आपकी कोई सबसे गन्दी आदत.
  हँसते हुए!  यह तो आप लोगो को ही पता होगी की मेरी गन्दी आदत क्या है , वैसे मेरे दोस्त कहते है की मैं बहुत हंसती हूँ शायद यही मेरी सबसे गन्दी आदत है .

ज़िन्दगी में कभी असफल हुई हैं अगर हां तो उस समस्या का कैसे सामना किया ?
  "touch wood " कहते हुए !!!अभी तक ऐसा नहीं हुआ , हां जब मैंने पत्रकारिता ( MJMC) में प्रवेश करने के लिए  तीन बार कोशिश की लेकिन हर बार किसी न किसी समस्या की वजह से मुझे सफलता नहीं मिली लेकिन फिर भी मुझे विशवास था की एक दिन मेरा ये सपना भी पूरा हो जायेगा जो अब पूरा  हो गया ...

आप की नज़रो में अब तक की आपकी सबसे बड़ी सफलता क्या है ?
   दोस्त सिर्फ दोस्त !!!!! जो मेरी लाइफ के best achievement है मुझे अच्छा लगता है की वो  लोग मुझपर  बहुत विशवास करते है और मैं उनपर .. धोखा देने वाले लोग मुझे बिलकुल पसंद नहीं है.

आपके  aim  तक पहुचने में कोई ऐसी  समस्या जो आपको लगता हो आगे चलकर इस समस्या का सामना आपको करना पड़ सकता है  ?
   समस्या तो हर जगह होती है मुझे यह नहीं देखना है की समस्या क्या है बल्कि ये देखना है की उस समस्या का समाधान क्या है .

कोई ऐसा incident जब आपको खुद पर हंसी आई हो ?
   हँसते हुए कहती है !! अक्सर आती है . जब कोई घर पर मेरा मजाक उड़ाता है .

अगर भविष्य में आपको वो नौकरी मिले जो आप पाना चाहती है तो आप अपने पुराने competitors को क्या सलाह देंगी ?
   प्रिंट मीडिया तो मैं अभी एक ही बात कहूँगी जो मुकुल सर कहते है की "लिखना लिखने से आता है इसलिए लिखते रहो और अच्छा लिखने के लिए अच्छा  पड़ना जरुरी है इसलिए पड़ते रहो" ..और बाकी जो मैं आगे सीखती जाउंगी वो बताती जाउंगी .

कौन सी चीजे है जिन्हें आप भविष्य  में अपने पास चाहती है ?
  सबसे पहले मैं एक अच्छा इंसान बनना चाहती हूँ उसके बाद वो जो हर कोई चाहता है ..नेम ,फेम , boyfriend.

क्या आप ऐसे लड़के को अपना boyfriend बनायेंगी जो पैसे वाला हो ? 
  जैसे हर किसी के मन में कोई  न कोई बाते होती है जो वो अपने सामने वाले में देखना चाहता है ..वैसे मेरे भी मन में कुछ पॉइंट है जब उन पॉइंट से मैच करता  हुआ जो मेरे सामने आयेगा उसे बनाउंगी . पैसे वाला हो ये जरुरी नहीं है .....


                                                                                                                                       अनुभा गुप्ता .

















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